लक्ष्मी पञ्चमी का महत्व
लक्ष्मी पञ्चमी हिंदू धर्म का एक पवित्र त्यौहार है, जिसे विशेष रूप से धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए मनाया जाता है।
इसे 'श्री पञ्चमी' या 'सौभाग्य पंचमी' के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
लक्ष्मी पञ्चमी पूजा विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल छिड़कें।
- लक्ष्मी माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- दीप जलाकर, धूप और अगरबत्ती अर्पित करें।
- पुष्प, चंदन, हल्दी, कुमकुम, और अक्षत चढ़ाएं।
- मिठाई, फल और पंचामृत का भोग लगाएं।
- श्री सूक्त और लक्ष्मी मंत्रों का जाप करें।
- आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
लक्ष्मी पञ्चमी मंत्र
श्री लक्ष्मी मंत्र:
"ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।"
लक्ष्मी बीज मंत्र:
"ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः।"
लक्ष्मी पञ्चमी का यह पर्व धन-धान्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक है। माता लक्ष्मी की कृपा से सभी के जीवन में सुख और समृद्धि का वास हो।