श्मशाना यक्षिणी साधना: गुप्त धन और तंत्र सिद्धि प्राप्त करने की रहस्यमयी विधि

Sachinta maharaj

श्मशाना यक्षिणी: गुप्त धन और रहस्यमयी शक्तियों की देवी

श्मशाना यक्षिणी को रहस्यमयी शक्तियों और गुप्त धन की संरक्षिका माना जाता है। इनकी साधना से साधक को न केवल छिपा हुआ धन प्राप्त होता है, बल्कि तंत्र विद्या, वशीकरण, और दिव्य ज्ञान भी प्राप्त होता है। यह साधना गुप्त और अत्यधिक प्रभावशाली होती है, जिसे केवल योग्य साधकों द्वारा किया जाना चाहिए।

श्मशाना यक्षिणी का स्वरूप

  1. रहस्यमयी और अद्भुत आभामंडल – इनका स्वरूप रात्रि के समान गहरा और रहस्यमयी होता है।
  2. तीन नेत्र और प्रचंड तेजस्विता – ये अलौकिक ज्ञान और शक्ति की देवी हैं।
  3. गहरे नीले और काले वस्त्र धारण किए हुए – ये रात्रि और तंत्र शक्ति का प्रतीक हैं।
  4. हाथों में त्रिशूल, खप्पर और गुप्त ग्रंथ – ये तंत्र, योग, और रहस्य की जननी हैं।
  5. श्मशान भूमि में निवास – इनका निवास स्थान तंत्र विद्या की शक्तियों का केंद्र है।
  6. रूद्र और योगिनी शक्तियों से घिरी हुईं – ये दिव्य शक्तियों की प्रमुख संरक्षिका हैं।

साधना की आवश्यकताएँ

  • शुभ मुहूर्त: अमावस्या, कालरात्रि, या विशेष योग में करें।
  • स्थान: श्मशान, पीपल का वृक्ष, या किसी गुप्त स्थान पर करें।
  • वस्त्र: काले, नीले, या गहरे लाल रंग के वस्त्र पहनें।
  • यंत्र एवं चित्र: श्मशाना यक्षिणी का यंत्र या चित्र पूजा स्थल पर रखें।
  • अन्य सामग्री: कौड़ियां, लाल चंदन, काले तिल, भस्म, और सरसों।

मंत्र और जाप विधि

साधना के दौरान इस मंत्र का जाप करें:

मंत्र:
"ॐ ह्रीं क्रीं श्मशाना यक्षिण्यै नमः।"

जाप संख्या: 21,000 बार (सिद्धि के लिए)
नियम: प्रतिदिन कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें।

साधना प्रक्रिया

  1. मध्यरात्रि में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  2. श्मशाना यक्षिणी का चित्र या यंत्र स्थापित करें।
  3. लाल चंदन और भस्म का तिलक करें।
  4. कौड़ियां, धूप, और दीपक अर्पित करें।
  5. रुद्राक्ष माला से मंत्र जाप करें।
  6. ध्यान के माध्यम से यक्षिणी का आह्वान करें।

श्मशाना यक्षिणी साधना के लाभ

✅ गुप्त धन और खोया हुआ धन प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
✅ तंत्र, ज्योतिष, और गूढ़ विद्या में प्रवीणता प्राप्त होती है।
✅ शत्रुओं से सुरक्षा और तांत्रिक शक्तियों की प्राप्ति होती है।
✅ मानसिक और आत्मिक बल बढ़ता है।

सावधानियाँ

  • इस साधना को पूरी निष्ठा और गुप्त रूप से करें।
  • नियमों का पूर्णतः पालन करें और योग्य गुरु से मार्गदर्शन लें।
  • साधना को अधूरा न छोड़ें और तांत्रिक मर्यादाओं का पालन करें।
  • इस शक्ति का दुरुपयोग न करें।

निष्कर्ष: श्मशाना यक्षिणी साधना एक अत्यंत गूढ़ और प्रभावशाली विधि है, जो केवल योग्य साधकों के लिए ही फलदायी होती है। सही विधि से साधना करने पर यह अत्यधिक प्रभावी सिद्ध होती है।

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