रतिप्रिया यक्षिणी साधना: प्रेम और आनंद प्राप्त करने की विधि

Sachinta maharaj

रतिप्रिया यक्षिणी साधना: प्रेम और आनंद का स्रोत

रतिप्रिया यक्षिणी को प्रेम, रोमांस और आनंद की देवी माना जाता है। यह साधना व्यक्ति के जीवन में प्रेम, दांपत्य सुख और भावनात्मक संतुलन लाने में सहायक होती है। इस साधना से साधक को आत्मिक और शारीरिक आनंद की अनुभूति होती है, जिससे उसका जीवन सुखमय और प्रेममय बनता है।

रतिप्रिया यक्षिणी का स्वरूप

  1. अत्यंत आकर्षक और सौंदर्य से परिपूर्ण – उनका स्वरूप प्रेम और आनंद की ऊर्जा से भरा होता है।
  2. चमकदार कस्तूरी-सुगंधित बाल – उनकी लहराती काली जुल्फें सुगंध से भरपूर होती हैं।
  3. मधुर मुस्कान और गहरी आँखें – उनकी आँखें प्रेम की गहराई को दर्शाती हैं।
  4. गुलाबी और लाल वस्त्र – वे सुंदर रेशमी वस्त्र धारण करती हैं।
  5. कमल और चंपा पुष्पों की माला – उनका श्रृंगार दिव्य पुष्पों से किया जाता है।
  6. हाथों में वरद और अभय मुद्रा – वे प्रेम, आकर्षण और आनंद का आशीर्वाद देती हैं।
  7. मधुर संगीत और सुगंध से युक्त आभा – उनकी उपस्थिति से वातावरण प्रेममय हो जाता है।

साधना की आवश्यकताएँ

  • शुभ मुहूर्त: शुक्रवार, पूर्णिमा या बसंत पंचमी की रात्रि सर्वोत्तम मानी जाती है।
  • स्थान: एकांत, स्वच्छ और सुगंधित स्थान चुनें।
  • वस्त्र: गुलाबी या लाल वस्त्र धारण करें।
  • यंत्र एवं चित्र: रतिप्रिया यक्षिणी का यंत्र या चित्र पूजा स्थल पर रखें।
  • अन्य सामग्री: गुलाब, चंदन, इत्र, दीपक, धूप, रुद्राक्ष माला।

मंत्र और जाप विधि

साधना के दौरान इस मंत्र का जाप करना आवश्यक है:

मंत्र:
"ॐ ह्रीं रतिप्रियायै स्वाहा।"

जाप संख्या: 21,000 बार (सिद्धि के लिए)
नियम: प्रतिदिन कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें।

साधना प्रक्रिया

  1. रात्रि के समय पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें।
  2. यक्षिणी का चित्र या यंत्र स्थापित करें।
  3. गुलाब पुष्प और इत्र अर्पित करें।
  4. दीपक जलाकर चंदन व केसर का तिलक करें।
  5. रुद्राक्ष माला से मंत्र का जाप करें।
  6. ध्यान के माध्यम से यक्षिणी का आह्वान करें।

रतिप्रिया यक्षिणी साधना के लाभ

✅ प्रेम और दांपत्य सुख में वृद्धि
✅ मनचाहे व्यक्ति को आकर्षित करने की शक्ति
✅ आत्मविश्वास और सम्मोहन क्षमता में वृद्धि
✅ शारीरिक और मानसिक आनंद की प्राप्ति

सावधानियाँ

  • इस साधना को केवल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करें।
  • नियमों का पूर्णतः पालन करें।
  • गुरु या अनुभवी साधक से मार्गदर्शन लें।
  • इस शक्ति का दुरुपयोग न करें।

निष्कर्ष: रतिप्रिया यक्षिणी साधना प्रेम, आनंद और आत्मिक शांति प्रदान करने वाली एक प्रभावशाली तांत्रिक विधि है। सही विधि से साधना करने पर यह अत्यधिक प्रभावी सिद्ध होती है।

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