नटी यक्षिणी साधना: नृत्य, कला और आकर्षण प्राप्त करने की विधि

Sachinta maharaj

नटी यक्षिणी साधना: नृत्य और कला की देवी

नटी यक्षिणी को नृत्य, संगीत और कला की संरक्षिका माना जाता है। यह साधना कलाकारों, नर्तकों, गायकों और अभिनेताओं के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। साधना करने से व्यक्ति के भीतर कलात्मक ऊर्जा जाग्रत होती है, जिससे उसकी कला में दिव्यता और आकर्षण आ जाता है।

नटी यक्षिणी का स्वरूप

  1. अत्यंत सुंदर और मोहक – उनका स्वरूप नृत्यरत देवी के समान होता है।
  2. गुलाबी और स्वर्णिम आभा – वे सुनहरी और चमकती हुई आभा से घिरी रहती हैं।
  3. नृत्य मुद्रा में स्थित – वे नृत्य करते हुए दिव्य आनंद की अनुभूति कराती हैं।
  4. रेशमी वस्त्र और आभूषण – वे हल्के लाल और सुनहरे रंग के वस्त्र पहनती हैं और सुंदर आभूषणों से सजी होती हैं।
  5. घुंघरू और वीणा धारण किए हुए – उनकी उपस्थिति संगीत और नृत्य की शक्ति से परिपूर्ण होती है।
  6. हाथों में वरद मुद्रा और अभय मुद्रा – वे कला, सौंदर्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

साधना की आवश्यकताएँ

  • शुभ मुहूर्त: पूर्णिमा, शुक्रवार या वसंत पंचमी की रात्रि सर्वोत्तम होती है।
  • स्थान: एकांत, स्वच्छ और सुगंधित स्थान चुनें।
  • वस्त्र: लाल, गुलाबी या सुनहरे रंग के वस्त्र पहनें।
  • यंत्र एवं चित्र: नटी यक्षिणी का यंत्र या चित्र पूजा स्थल पर रखें।
  • अन्य सामग्री: गुलाब, चंदन, केसर, इत्र, दीपक, धूप, रुद्राक्ष माला।

मंत्र और जाप विधि

साधना के दौरान इस मंत्र का जाप करें:

मंत्र:
"ॐ ह्रीं नटी यक्षिण्यै नमः।"

जाप संख्या: 21,000 बार (सिद्धि के लिए)
नियम: प्रतिदिन कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें।

साधना प्रक्रिया

  1. रात्रि के समय उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें।
  2. यक्षिणी का चित्र या यंत्र स्थापित करें।
  3. सुगंधित पुष्प और इत्र अर्पित करें।
  4. दीपक जलाकर चंदन व केसर का तिलक करें।
  5. रुद्राक्ष माला से मंत्र का जाप करें।
  6. ध्यान के माध्यम से यक्षिणी का आह्वान करें।

नटी यक्षिणी साधना के लाभ

✅ नृत्य, संगीत और कला में निपुणता बढ़ती है
✅ मंच पर आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ता है
✅ कला के क्षेत्र में सफलता और ख्याति प्राप्त होती है
✅ व्यक्तित्व में दिव्य आकर्षण और सौंदर्य आता है

सावधानियाँ

  • इस साधना को केवल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करें।
  • नियमों का पूर्णतः पालन करें।
  • गुरु या अनुभवी साधक से मार्गदर्शन लें।
  • इस शक्ति का दुरुपयोग न करें।

निष्कर्ष: नटी यक्षिणी साधना कला, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने की एक प्रभावशाली तांत्रिक विधि है। सही विधि से साधना करने पर यह अत्यधिक प्रभावी सिद्ध होती है।

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