कृतिका नक्षत्र वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में तीसरा नक्षत्र है। यह नक्षत्र मेष राशि (13°20′ – 26°40′) और वृषभ राशि (0° – 10°) में फैला हुआ होता है।
इसका स्वामी सूर्य है और यह अग्नि तत्व से संबंधित है। कृतिका नक्षत्र को शक्ति, शुद्धिकरण, आत्मविश्वास और तेजस्विता का प्रतीक माना जाता है। इसका प्रतीक अग्नि है, जो नकारात्मकता को जलाकर शुद्धि का कार्य करता है।
1. कृतिका नक्षत्र का स्वरूप और स्वभाव
- तत्व: अग्नि
- गुण: राजसिक
- वर्ण: ब्राह्मण
- योनि: भेड़
- गण: देव
- नाड़ी: अंत्या
- शक्ति: दहन शक्ति (शुद्धि और परिवर्तन की क्षमता)
- मुख्य गुण: तेजस्वी, दृढ़ निश्चयी, स्पष्टवादी, अनुशासनप्रिय
2. कृतिका नक्षत्र का वैदिक ज्योतिष में प्रभाव (गोचर फल)
कृतिका नक्षत्र के प्रभाव से व्यक्ति आत्मनिर्भर, साहसी और नेतृत्व क्षमता वाला होता है। यह नक्षत्र भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
गोचर में कृतिका नक्षत्र का प्रभाव:
- चंद्रमा कृतिका में: व्यक्ति गंभीर, आत्मनिर्भर और ईमानदार होता है।
- सूर्य कृतिका में: यह स्थिति व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और तीव्र बुद्धि प्रदान करती है।
- मंगल कृतिका में: ऊर्जा और साहस का संचार करता है, लेकिन कभी-कभी आक्रामक बना सकता है।
- शुक्र कृतिका में: व्यक्ति प्रेम और कला के क्षेत्र में निपुण होता है।
- शनि कृतिका में: अनुशासनप्रिय और परिश्रमी स्वभाव विकसित करता है।
3. कृतिका नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों के लक्षण
- ये लोग निडर, स्पष्टवादी और आत्मनिर्भर होते हैं।
- इनकी निर्णय लेने की क्षमता बहुत मजबूत होती है।
- कभी-कभी ये गुस्सैल और कटु वाणी वाले हो सकते हैं।
- प्रशासन, राजनीति, सैन्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
4. कृतिका नक्षत्र के लिए नामकरण (नाम के अक्षर)
यदि कोई शिशु कृतिका नक्षत्र में जन्म लेता है, तो उसके नाम का पहला अक्षर आ, ई, उ, ए में से एक होना शुभ माना जाता है।
5. कृतिका नक्षत्र के उपाय और टोटके
कृतिका नक्षत्र के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए:
- सूर्य देव की उपासना करें और प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें।
- गायत्री मंत्र का जाप करें।
- गरीबों और जरूरतमंदों को तांबे के बर्तन, गेहूं और गुड़ का दान करें।
- आत्मसंयम और धैर्य बनाए रखें, जल्दबाजी में निर्णय न लें।
- लाल रंग के वस्त्र और रत्न धारण करने से लाभ मिलता है।
6. कृतिका नक्षत्र मंत्र एवं यज्ञ
कृतिका नक्षत्र का बीज मंत्र:
"ॐ कृतिका नक्षत्राय नमः"
सूर्य देव मंत्र (कृतिका नक्षत्र के लिए विशेष):
"ॐ घृणिः सूर्याय नमः"
यज्ञ और अनुष्ठान:
- सूर्य ग्रह शांति यज्ञ करें।
- नवरात्रि और मकर संक्रांति के दिन विशेष पूजन करें।
- कृतिका नक्षत्र में हवन करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
7. कृतिका नक्षत्र और तंत्र शास्त्र
कृतिका नक्षत्र तंत्र साधना के लिए अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है।
- इस नक्षत्र में सूर्य साधना करने से आत्मविश्वास और सफलता बढ़ती है।
- भगवती दुर्गा और महाकाली की उपासना से शक्ति और साहस प्राप्त होता है।
- रुद्राक्ष धारण करने से नक्षत्र के दोषों का निवारण होता है।
निष्कर्ष
कृतिका नक्षत्र एक शक्तिशाली और उग्र नक्षत्र है, जो आत्मनिर्भरता, साहस और शुद्धिकरण का प्रतीक है। यदि इस नक्षत्र का प्रभाव नकारात्मक हो तो उचित उपाय, मंत्र जाप, और तांत्रिक साधनाओं से इसे संतुलित किया जा सकता है।