कनकावती यक्षिणी साधना: धन और समृद्धि प्राप्त करने की विधि

Sachinta maharaj

कनकावती यक्षिणी साधना: धन और ऐश्वर्य का रहस्य

कनकावती यक्षिणी को धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री शक्ति माना जाता है। "कनक" का अर्थ स्वर्ण होता है, अतः यह यक्षिणी साधक को सोने के समान चमकदार भाग्य प्रदान करती है। सही विधि से की गई साधना से व्यक्ति को आर्थिक उन्नति, व्यापार में वृद्धि और स्थायी संपत्ति का लाभ मिलता है।

कनकावती यक्षिणी का स्वरूप

  1. सुनहरे आभा से युक्त शरीर – उनका शरीर स्वर्ण के समान दमकता है।
  2. कमल-नील नेत्र – उनकी आंखों में दिव्य तेज और करुणा होती है।
  3. स्वर्ण वस्त्र और आभूषण – वे रत्नजड़ित स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत रहती हैं।
  4. हाथों में स्वर्ण-पात्र और वरद मुद्रा – वे साधक को स्वर्ण, धन और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
  5. कमलासन पर विराजमान – उनका आसन धन और ऐश्वर्य का प्रतीक है।

साधना की आवश्यकताएँ

  • शुभ मुहूर्त: दीपावली, पूर्णिमा या गुरुवार की रात श्रेष्ठ मानी जाती है।
  • स्थान: स्वच्छ एवं शांत वातावरण।
  • वस्त्र: पीले या सुनहरे रंग के वस्त्र।
  • यंत्र एवं चित्र: कनकावती यक्षिणी का यंत्र या चित्र पूजा स्थान पर रखें।
  • अन्य सामग्री: केसर, हल्दी, कमल पुष्प, घी का दीपक, चंदन, और रुद्राक्ष माला।

मंत्र और जाप विधि

साधना के दौरान इस मंत्र का जाप किया जाता है:

मंत्र:
"ॐ ह्रीं श्रीं कनकावत्यै नमः।"

जाप संख्या: 21,000 बार (सिद्धि के लिए)
नियम: प्रतिदिन कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें।

साधना प्रक्रिया

  1. रात्रि के समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें।
  2. कनकावती यक्षिणी का चित्र या यंत्र स्थापित करें।
  3. घी का दीपक जलाएं और कमल पुष्प अर्पित करें।
  4. रुद्राक्ष माला से मंत्र का जाप करें।
  5. ध्यान के माध्यम से यक्षिणी का आह्वान करें।

कनकावती यक्षिणी साधना के लाभ

✅ धन, संपत्ति और स्वर्ण की प्राप्ति
✅ व्यापार और आर्थिक उन्नति
✅ नौकरी और करियर में प्रगति
✅ स्थायी समृद्धि और ऐश्वर्य

सावधानियाँ

  • इस साधना को केवल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करें।
  • नियमों का पूर्णतः पालन करें।
  • गुरु या अनुभवी साधक से मार्गदर्शन लें।
  • धन का दुरुपयोग न करें।

निष्कर्ष: कनकावती यक्षिणी साधना एक प्रभावशाली तांत्रिक विधि है, जिससे व्यक्ति को आर्थिक समृद्धि और ऐश्वर्य प्राप्त हो सकता है। सही नियमों का पालन करने से यह साधना अत्यधिक फलदायी होती है।

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