संतान सुख प्राप्त करना हर दंपत्ति की इच्छा होती है, लेकिन कभी-कभी ग्रहों के दोष और अशुभ योग के कारण संतान प्राप्ति में बाधा आती है। वैदिक ज्योतिष में पुत्र प्राप्ति के लिए कुछ विशेष उपाय, पूजन विधियाँ और यज्ञ बताए गए हैं, जो संतान योग को मजबूत करने में सहायक होते हैं।
1. पुत्र प्राप्ति के लिए विशेष ज्योतिषीय उपाय
- गर्भाधान के लिए शुभ मुहूर्त: संतान सुख प्राप्ति के लिए ज्योतिषीय दृष्टि से सही समय (गर्भाधान मुहूर्त) का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
- गुरु और शुक्र की दशा: संतान प्राप्ति में गुरु (बृहस्पति) और शुक्र की भूमिका अहम होती है। यदि ये ग्रह पीड़ित हों, तो उचित उपाय करना चाहिए।
- पंचम भाव की स्थिति: जन्म कुंडली में पंचम भाव संतान का कारक होता है। यदि यह भाव कमजोर हो तो उसमें सुधार हेतु विशेष उपाय किए जा सकते हैं।
- पुत्र जीवक बीज का सेवन: आयुर्वेद में पुत्र जीवक बीज को संतान प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है।
- विशेष व्रत और उपवास: संतान गोपाल व्रत, सोमवती अमावस्या व्रत और संतान सप्तमी व्रत करने से लाभ मिलता है।
2. पुत्र प्राप्ति के लिए पूजा और मंत्र
- संतान गोपाल मंत्र:
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥”
इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जप करें। - बृहस्पति पूजन: गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण कर बृहस्पति देव की पूजा करें और बृहस्पति बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” का जप करें।
- संतान गणपति पूजन: गणपति जी की विशेष पूजा कर “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का जप करें।
- शिव पार्वती पूजन: प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करें और "ॐ नमः शिवाय" का जप करें।
3. पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ और हवन
- पुत्र कामेष्टि यज्ञ: यह यज्ञ राजा दशरथ ने किया था जिससे उन्हें चार पुत्र प्राप्त हुए। योग्य ब्राह्मण से यह यज्ञ करवाने से लाभ मिलता है।
- संतान गोपाल हवन: इस हवन में गोपाल मंत्र से आहुति दी जाती है, जो पुत्र प्राप्ति में सहायक होता है।
- बृहस्पति यज्ञ: बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए यह यज्ञ किया जाता है, जिससे संतान सुख प्राप्त होता है।
4. पुत्र प्राप्ति के लिए रत्न और दान
- पुखराज रत्न: बृहस्पति को मजबूत करने के लिए पुखराज धारण करें।
- मोती (मूंगा) धारण: यदि चंद्रमा और मंगल की स्थिति कमजोर हो तो मोती या मूंगा धारण करना लाभकारी होता है।
- दान: पीले वस्त्र, चने की दाल, गुड़ और हल्दी का दान करें।
निष्कर्ष
यदि संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो, तो कुंडली का विश्लेषण करवाकर उचित उपाय करें। सही पूजा, मंत्र, यज्ञ और रत्न धारण से ग्रहों की बाधा को दूर किया जा सकता है और संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है।
(अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1: पुत्र प्राप्ति के लिए कौन सा व्रत सबसे प्रभावी है?
संतान सप्तमी व्रत और संतान गोपाल व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए बहुत प्रभावी माने जाते हैं।
Q2: क्या कुंडली में संतान योग नहीं होने पर भी उपाय सफल हो सकते हैं?
हां, सही ज्योतिषीय उपाय, पूजा और यज्ञ से संतान योग को जाग्रत किया जा सकता है।
Q3: संतान सुख के लिए कौन सा मंत्र सबसे अच्छा है?
"संतान गोपाल मंत्र" सबसे प्रभावी माना जाता है, इसका प्रतिदिन 108 बार जप करना चाहिए।